बीज से वटवृक्ष तक संघ एक सदी का जीवन दर्शन

शताब्दी का राष्ट्रीय गौरव: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का शताब्दी वर्ष 2025-2026 भारतीय समाज के इतिहास में ऐसे बहुत कम अवसर आते हैं, जो केवल एक संगठन की उपलब्धियों का उत्सव न होकर पूरे राष्ट्र की धड़कन बन जाते हैं। 2025 का वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लिए ऐसा ही एक कालखंड है। विजयदशमी…

Read More

संघ की पहली शाखा की कहानी भूतिया घर ‘मोहिते का बाड़ा’ में गूंजा- नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे

अंधविश्वास और राष्ट्रनिर्माण का संगम भारत की धरती रहस्यों से भरी हुई है। कहीं प्राचीन किलों और हवेलियों में लोककथाएं जीवित हैं, तो कहीं पुराने खंडहरों में डरावनी कहानियां लोगों को अपनी ओर खींचती हैं। महाराष्ट्र के पुणे शहर का मोहिते का बाड़ा भी ऐसा ही एक स्थान है, जो वर्षों से ‘भूतों का अड्डा’…

Read More

संघ को समझने का सुनहरा अवसर है शताब्दी वर्ष

‘संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो भला हो जिसमें देश का वो काम सब किए चलो’ इस ध्येय को लेकर चलते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  अपने शताब्दी वर्ष  में प्रवेश कर चुका है। अपनी इस गौरव पूर्ण यात्रा में  संघ ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। संघ को पीछे धकेलने के कई बार प्रयत्न हुए।…

Read More

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – सृजन और संघर्ष के 100 साल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भारतीय समाज के पुनर्गठन की वह प्रयोगशाला है जो विचार, सेवा और अनुशासन के आधार पर एक सांस्कृतिक राष्ट्र के निर्माण में जुटी है। 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की अनोखी भारतीय दृष्टि से उपजा यह संगठन आज अपनी शताब्दी के द्वार पर खड़ा है। यह केवल संगठन विस्तार की…

Read More
WhatsApp ई-पत्रिका