राष्ट्र निर्माण – औद्योगिक विकास का नया ठिकाना

नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक्स, बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर, वाराणसी में टेक्सटाइल और जेवर में एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा—ये सब इस बात का संकेत हैं कि हमारा यूपी अब केवल खेती का राज्य नहीं, भारत का नया औद्योगिक हब बनकर उभर रहा है। युवाओं को उद्यम और नई तकनीकों का ज्ञान उत्तर प्रदेश में तेजी से मिल रहा है।

गंगा-यमुना की उपजाऊ धरती पर सदियों तक कृषि ही मुख्य आधार रही है। आज इसी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रांति एक नये दौर में प्रवेश कर चुकी है। नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक्स, बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर, वाराणसी में टेक्सटाइल और जेवर में एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा—ये सब इस बात का संकेत हैं कि हमारा यूपी अब केवल खेती का राज्य नहीं, भारत का नया औद्योगिक हब बनकर उभर रहा है। युवाओं को उद्यम और नई तकनीकों का ज्ञान उत्तर प्रदेश में तेजी से मिल रहा है। नये उद्यम लगाना इतना आसान बन गया है कि नित नये लघु उद्योग लगते जा रहे हैं। उद्योगों के लगने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रही हैं सडकें। नये-नये फ्लाईओवर और चमचमाती सडकें उद्योगों को गति दे रही हैं। उत्तर प्रदेश अब निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। मजबूत बुनियादी ढांचा और नीतिगत स्पष्टता इसकी सबसे बड़ी ताकत है। दिल्ली-एनसीआर और पूर्वी भारत से कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश के प्रदर्शन को और अव्वल बना रही है। सड़कों का जाल और एक्सप्रेस-वे इसमें महती भूमिका अदा कर रहे हैं।

निवेशक अनुकूल नीतियां भी उद्यम क्षमता को और अधिक मजबूती प्रदान कर रही हैं। उप्र औद्योगिक नीति-2022 और विभिन्न सेक्टर की विशिष्ट नीतियाँ निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं, जिसकी वजह से ओप्पो, वीवो सरीखी कंपनियों ने नोएडा में अपनी बड़ी-बड़ी फैक्ट्री लगाकर काम शुरू कर दिया है।

प्रमुख पहलें

सिंगल विंडो सिस्टम, त्वरित स्वीकृति

कर और स्टांप शुल्क छूट, पूँजी निवेश को प्रोत्साहन

विशेष औद्योगिक नीतियां

टेक्सटाइल और हैंडलूम नीति

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति

आईटी एवं स्टार्टअप नीति

औद्योगिक विकास का नया ठिकाना औद्योगिक विकास का नया ठिकाना

फिल्म सिटी और मीडिया नीति ने प्रदेश में आधुनिक बदलाव किए हैं।  2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में ज्यादा रुचि देखने को मिली। सबसे ज्यादा क्रांतिकारी बदलाव सोलर पावर में देखने को मिला है। उत्तर मध्य रेलवे ने अपनी 60 प्रतिशत बिजली सोलर से बनानी शुरू कर दी है। इसके साथ सोलर बिजली घर बिजली बनाने में महती भूमिका अदा कर रहा है।

प्रदेश में बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट लग रहे हैं, इसके साथ ही डिफेंस कॉरीडोर का निर्माण तेज गति से हो रहा है। उत्तर प्रदेश को डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा उत्पादन का केंद्र बनाया जा रहा है। औद्योगिक जनपद कानपुर, झांसी, अलीगढ़, लखनऊ, आगरा, चित्रकूट, प्रयागराज, भदोही, बनारस औद्योगिक विकास की गाथा लिख रहे हैं। प्रदेश में प्रमुख निवेशक कंपनियां अमूल, टाटा, अडाणी, महिंद्रा डिफेंस, भारत डायनामिक्स और अंतरराष्ट्रीय रक्षा उपकरण निमार्ता भी विकास को तेज गति दे रहे हैं।एक्सप्रेस-वे और बुनियादी ढांचा विकास की रीढ़ होता है, इसे औद्योगिक विकास का आधार माना गया है। मजबूत कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स होना प्रदेश को गौरवान्वित करता है। सूबे की राजधानी को पूर्वांचल से जोड़ने वाला पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (341 किमी)-पूर्वी उत्तर प्रदेश का औद्योगिक कनेक्टर बनकर उभरा है।

इसी तरह बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे (296 किमी)-डिफेंस कॉरीडोर को गति दे रहा है। मेरठ से संगमनगरी प्रयागराज को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे (594 किमी) का कार्य तेज गति से पूरा किया जा रहा है। इसी क्रम में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा-एशिया का प्रमुख कार्गो और पैसेंजर हब बनने को बेकरार है। वाराणसी में मल्टी मॉडल टर्मिनल-गंगा जलमार्ग से औद्योगिक माल परिवहन के लिए विकसित हो रहा है। लघु उद्योग संघ, कानपुर का कहना है कि- ‘जहां सडक और हवाई कनेक्टिविटी होगी, वहीं उद्योग तेजी से पनपेंगे।’ औद्योगिकरण का सीधा लाभ रोजगार सृजन और पलायन में कमी के रूप में सामने आ रहा है। जो युवा काम की तलाश में दूसरे प्रदेशों में जाते थे, अब उनके द्वार पर रोजगार दस्तक दे रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर में लाखों युवाओं को रोजगार मिल चुका है।  ग्रामीण क्षेत्रों में टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगातार खुल रही हैं। महिला उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ग्रामीण-शहरी संतुलन और सामाजिक स्थिरता में योगदान से प्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। 

औद्योगिक इकाइयों के ले भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय स्वीकृतियां सामाजिक सरोकार का काम कर रही हैं। ऊर्जा आपूर्ति और बिजली दरें सोलर पावर से लोगों को राहत दे रहीं हैं। उच्च कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता को देखते हुए कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की जा रही है। उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि का राज्य नहीं, बल्कि नये भारत का औद्योगिक इंजन बन रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश, डिफेंस कॉरिडोर और विशाल परिवहन नेटवर्क इसे भविष्य में न केवल देश, एशिया के औद्योगिक मानचित्र पर शीर्ष स्थान दिलाने में मदद कर रहे हैं।

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